Thursday, January 8, 2015

'भगवान' को अनुयायियों से ख़तरा ?

आधुनिक समय को देखते हुए तो कुछ ऐसा ही लग रहा है। आप माने या न माने, मगर, वास्‍तव में भगवान को (ईश्‍वर, गॉड, अल्‍लाह, राम, वाहेगुरू) अपने अनुनायियों से ख़तरा है। मगर, समस्‍या यह है कि भगवान स्‍वयं अमिताभ बच्‍चन की तरह सुरक्षा की मांग नहीं कर सकता। कुछ लोग तो अमिताभ बच्‍चन को भी भगवान घोषित कर चुके हैं। उनके चरण छूते हैं, उनसे आशीर्वाद मांगते हैं। उनका एक स्‍पर्श चाहते हैं।

मगर, उनका यह भगवान अपने अनुयायियों से तंग आकर अपने घर की सुरक्षा बढ़ा सकता है। जैसे, पिछले दिनों हुआ। अमिताभ बच्‍चन ने अनुयायियों (फैन) की आड़ में कुछ शरारती तत्‍वों के आने की बात कहकर घर की सुरक्षा बढ़ा ली। यह भगवान जीवित है। बोलता भी है। कुछेक सीमित लोगों का भगवान है। इसलिए सुरक्षा मांग भी समय रहते कर ली।

मगर, जो एक बड़े समूह का भगवान है, वो आकर कैसे कहे मुझे सुरक्षा चाहिए, क्‍योंकि उसके अनुयायियों के साथ साथ उनके परिसर में कुछ शरारती तत्‍व भी आ घुसे हैं। अब स्‍थिति कुछ तरह की बन चुकी है कि भगवान भी आने से डरने लगा है। स्‍वयं की घोषणा करने से भी कन्‍नी काट रहा है क्‍योंकि यह शरारती तत्‍व उसको नहीं छोड़ेंगे। हालांकि, यह तत्‍व उसकी रक्षा का दावा करते हैं। कहते हैं कि भले ही आदमी को खड़े रहने के लिए दो हाथ जमीन चाहिए और लेटने के लिए दो गज, मगर, हम आपका ध्‍वज पूरे विश्‍व में लहराएंगे।

उस सर्व शक्‍तिमान ने देखा है। सूली पर लटके जीसस को। 'अनल हक' का संदेश देने वाले मंसूर को। गरम तवी पर बैठे गुरू अर्जुन देव को। दिल्‍ली का चांदनी चौंक में श्री गुरू तेग बहादुर को। जहर लेते हुए सुकरात को। दुनिया की अनगिनत महान आत्‍माओं को, जिनको समाज ने सताया।

हिन्‍दु समुदाय विस्‍तार पाना चाहता है। ईसाई समुदाय विस्‍तार पाना चाहता है। इस्‍लाम विश्‍व पर अपनी हुकूमत चाहता है। सबसे दिलचस्‍प बात तो यह है कि सरल हृदय के अनुयायी, जो इन धर्मों में हैं। उनको विस्‍तार से प्रेम नहीं, उनको अपने धर्म से, उनको अपने गुरू के दिखाए रास्‍ते से प्रेम है। जो उनको शांति की तरफ लेकर जाता है।

मगर, यहां भी स्‍थिति अमिताभ बच्‍चन के बंग्‍ले जैसी हो चुकी है। जहां पर कभी कभी सरल हृदय के लोगों के साथ कुछ शरारती तत्‍व घुस जाते हैं, जो अनुयायियों की पूरी आस्‍था पर पानी फेर देते हैं। द वाइट टाइगर में अरविंद अडीगा लिखते हैं, ''जब बोधगया से बुद्ध गुजरे होंगे, वो चले नहीं, दौड़े होंगे।'' इस पंक्‍ति के जरिये अरविंद अडीगा ने परिस्‍थिति पर एक व्‍यंग कसा था, लेकिन, आज की स्‍थितियां देखकर उनका व्‍यंग भी सत्‍य मालूम पड़ता है।

भारत विश्‍व में अध्‍यात्‍म के कारण जाना जाता है। और उम्‍मीद करता हूं कि यह इसके लिए ही जाना जाए। कभी किसी भी भारतीय को ट्विटर या फेसबुक पर यह लिखना न पड़े कि भारत की इज्‍जत करो, मैं भारतीय हूं, जैसे कि आज इस्‍लाम के लोगों को कुछ शरारती तत्‍वों के कारण ट्विटर पर अपना स्‍पष्टीकरण देना पड़ रहा है।

आज विश्‍व स्‍तर पर ट्विटर का ट्रेंड है #RespectForMuslims। इस ट्रेंड के साथ मुस्‍लिम समुदाय के लोग इस्‍लाम को समझने का निवेदन कर रहे हैं। वो बता रहे हैं कि उनका धर्म शांति फैलाने में विश्‍वास रखता है। वो किसी मासूम की हत्‍या करने में यकीन नहीं रखते और न इस्‍लाम इसकी आज्ञा देता है। मगर, इस्‍लाम के कट्टरपंथियों के कारण आज पूरा इस्‍लाम बदनाम हो रहा है और बदलाव के मुहाने पर खड़ा है।

मुंह में राम बगल में छुरी एक कहावत है। मगर, आज के दौरान में एक नई कहावत उभर रही है। हाथ में हथियार, मुंह में अल्‍लाह। दरअसल, यह लोग न तो सच्‍चे इस्‍लामी हैं और न ही सच्‍चे हिंदू हैं, न सिख हैं, न ईसाई हैं, यह केवल सत्‍ता के भूखे लोग हैं। उनको विस्‍तार हमेशा कम ही पड़ता है।

इनका किसी भी महात्‍मा से किसी भी प्रकार का नाता नहीं, यह तो केवल और केवल अपना स्‍वार्थ साधते हैं। और बदनाम होते हैं आमजन। चरमपंथ ने आज तक विश्‍व को कुछ नहीं दिया। चाहे वो म्‍यांमार में हो, श्रीलंका में हो, सीरिया में हो। पाकिस्‍तान में हो। या भारत में उभर रहा हो। चरमपंथ विनाश की तस्‍वीर छोड़ जाता है, जिसको दिखाकर स्‍वार्थी लोग फिर से चरम पंथ को हवा देते हैं।

4 comments:

  1. सार्थक प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (10-01-2015) को "ख़बरची और ख़बर" (चर्चा-1854) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  2. महात्मा शब्द का अर्थ बहुत अधिक व्यापक हो गया है - कहाँ-कहाँ तक पहुँच रही हैं इसकी सीमाएँ !

    ReplyDelete
  3. अंधभक्ति व्यक्ति से कुछ भी करा सकती है। आज कल बड़ा अजीब सा सुन के लग रहा है की भगवन इतने असहाय हो गए हैं उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता प्रतीत हो रही है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. Aap se sahmat abhishek ji...sunder aalekh....badhayi

      Delete

अपने बहुमूल्य विचार रखने के लिए आपका धन्यवाद

Labels

Valentine Day अटल बिहार वाजपेयी अंधविश्‍वास अध्यात्म अन्‍ना हजारे अभिव्‍यक्‍ति अरविंद केजरीवाल अरुण जेटली अहमदाबाद आतंकवाद आप आबादी आम आदमी पार्टी आमिर खान आमिर ख़ान आरएसएस आर्ट ऑफ लीविंग आस्‍था इंटरनेट इंडिया इमोशनल अत्‍याचार इलेक्ट्रोनिक मीडिया इस्‍लाम ईसाई उबर कैब एआईबी रोस्‍ट एनडीटीवी इंडिया एबीपी न्‍यूज एमएसजी ओएक्‍सएल ओह माय गॉड कटरीना कैफ कंडोम करण जौहर कांग्रेस किरण बेदी किसान कृश्‍न चन्‍दर क्रिकेट गजेंद्र चौहान गधा गरीबी गोपाला गोपाला घर वापसी चार्ली हेब्‍दो चुनाव चेतन भगत जन लोकपाल बिल जन समस्या जनसंख्या जन्‍मदिवस जापान जीतन राम मांझी जेडीयू जैन ज्योतिष टीम इंडिया टेक्‍नीकल टेक्‍नोलॉजी टेलीविजन टैलिप्राम्प्टर डाक विभाग डिजिटल इंडिया डिजीटल लॉकर डेरा सच्चा सौदा डॉ. अब्दुल कलाम तालिबान तेज प्रताप यादव द​ सन दिल्‍ली विधान सभा दिल्‍ली विधान सभा चुनाव देव अफीमची दैनिक जागरण दैनिक भास्कर द्वारकी धर्म धर्म परिवर्तन धोखा नई दुनिया नत्थुराम गोडसे नमो मंदिर नया संस्‍करण नरेंद्र मोद नरेंद्र मोदी नववर्ष नीतीश कुमार नीलगाय नूतन वर्ष पंजाब केसरी पंजाब सरकार पद्म विभूषण पवन कल्‍याण पाकिस्तान पान की दुकान पीके पेशावर हमला पोल प्‍यार प्रतिमा प्रमाणु समझौता प्रशासन प्रेम फिल्‍म जगत बजट सत्र बजरंग दल बराक ओबामा बाबा रामदेव बाहुबली बिग बॉस बिहार बीजेपी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ बॉलीवुड भगवान शिव भगवानपुर मंदिर भाजपा भारत भारतीय जनता पार्टी मनोरंजन ममता बनर्जी महात्मा गांधी महात्मा मंदिर महाराष्‍ट्र महेंद्र सिंह धोनी माता पिता मार्कंडेय काटजू मीडिया मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव मुसलमान मुस्लिम मोबाइल मोहन भागवत युवा पीढ़ी रविश कुमार राज बब्बर राजकुमार हिरानी राजनाथ सिंह राजनीति राजस्‍थान सरकार रामदेव राहुल गांधी रिश्‍ते रेप रेल बजट रेलवे मंत्री रोमन रोमन हिन्दी लघु कथा लीला सैमसन लोक वेदना लोकतंत्र वर्ष 2014 वर्ष 2015 वसुंधरा राजे वाहन विज्ञापन वित्‍त मंत्री विदेशी विराट कोहली विवाह विश्‍व वीआईपी कल्‍चर वैंकेटश वैलेंटाइन डे वॉट्सएप व्यंग शरद पावर शरद यादव शार्ली एब्‍दे शिवसेना शुभ अशुभ शेनाज ट्रेजरीवाला श्रीश्री श्रीश्री रविशंकर सकारात्‍मक रविवार संत गुरमीत राम रहीम सिंह सफलता समाजवाद समाजवादी पार्टी सरकार सरदार पटेल सलमान खान साक्षी महाराज सिख सिख समुदाय सुकन्‍या समृद्धि खाता सुंदरता सुरेश प्रभु सोनिया गांधी सोशल मीडिया स्वदेशी हास्‍य व्‍यंग हिंदी कोट्स हिंदु हिंदू हिंदू महासभा हिन्दी हिन्‍दू संगठन हेलमेट हैकर हॉलीवुड